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Sports News: एशियन गेम्स में भारत का अभियान समाप्त, 21 गोल्ड समेत 85 मेडल के साथ चौथे स्थान पर

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | एशियन गेम्स 2026 में भारत ने 21 गोल्ड समेत 85 मेडल जीते और चौथे स्थान पर रहा। जानिए भारत के प्रदर्शन की पांच बड़ी बातें।

आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान 21 स्वर्ण समेत कुल 85 पदकों के साथ समाप्त हुआ। अंतिम दिन घुड़सवारी के दो स्वर्ण पदक मुकाबले होने हैं, लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले रहा है। इसलिए भारत के पदक अभियान में अब बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।

भारत ने 21 स्वर्ण के अलावा 27 रजत और 37 कांस्य पदक हासिल किए। समान संख्या में स्वर्ण जीतने वाले उज्बेकिस्तान से भारत अधिक रजत पदकों के आधार पर आगे रहा और चौथे स्थान पर रहा।

भारत के इस प्रदर्शन में कई सकारात्मक पहलू रहे, वहीं कुछ खेलों में पिछले एशियन गेम्स की तुलना में प्रदर्शन कमजोर भी रहा।

1. महिलाओं ने 2002 के बाद फिर पुरुषों को पीछे छोड़ा

भारत के लिए इस बार महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन खास रहा। भारतीय महिलाओं ने अपने इवेंट्स में 11 स्वर्ण पदक जीते, जबकि पुरुष खिलाड़ियों के खाते में 7 स्वर्ण आए। तीन स्वर्ण मिश्रित स्पर्धाओं से मिले।

इससे पहले 2002 के बुसान एशियन गेम्स में भारतीय महिलाओं ने पुरुषों से अधिक स्वर्ण पदक जीते थे। उस समय महिलाओं ने 6 और पुरुषों ने 5 स्वर्ण हासिल किए थे।

2. बॉक्सिंग और कुश्ती से मिली भरपाई

शूटिंग और एथलेटिक्स में भारत का प्रदर्शन पिछले संस्करण की तुलना में कमजोर रहा। 2023 में शूटिंग से 7 और एथलेटिक्स से 6 स्वर्ण मिले थे। इस बार शूटिंग में 3 और एथलेटिक्स में केवल 1 स्वर्ण मिला।

इन खेलों में आई कमी की कुछ भरपाई बॉक्सिंग और कुश्ती ने की। पिछली बार दोनों खेलों में भारत को कोई स्वर्ण नहीं मिला था, जबकि इस बार बॉक्सिंग में 3 और कुश्ती में 2 स्वर्ण हासिल हुए।

3. टीम इवेंट्स में भारत की मजबूत पकड़

क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। इससे टीम स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों की मजबूती सामने आई।

हॉकी में एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने के साथ भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक के लिए क्वालिफिकेशन हासिल किया। एक ही एशियन गेम्स में दोनों भारतीय हॉकी टीमों का स्वर्ण जीतना भी अभियान की बड़ी उपलब्धियों में रहा।

4. चीन की बादशाहत कायम

पदक तालिका में चीन एक बार फिर सबसे ऊपर रहा। चीन ने 169 स्वर्ण समेत 341 पदक जीते। जापान 83 स्वर्ण के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

चीन 1982 से आयोजित एशियन गेम्स में लगातार पदक तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है। भारत ने चौथे स्थान के मामले में अपने पिछले प्रदर्शन की बराबरी की, लेकिन कुल पदकों और स्वर्ण में कमी रही।

2023 में भारत ने 28 स्वर्ण समेत 106 पदक जीते थे। इस बार स्वर्ण पदकों में 7 और कुल पदकों में 21 की कमी रही।

5. एशियन गेम्स में रिकॉर्ड की बारिश

इस बार एशियन गेम्स में खिलाड़ियों ने बड़े पैमाने पर रिकॉर्ड बनाए। अलग-अलग स्पर्धाओं में 53 विश्व रिकॉर्ड और 76 एशियाई रिकॉर्ड टूटे। इसके अलावा 166 नए गेम्स रिकॉर्ड दर्ज किए गए।

भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने चीन के खिलाफ फाइनल में 238 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। तीरंदाजी के साथ बॉक्सिंग, कुश्ती और टीम स्पर्धाओं का प्रदर्शन भारत के लिए इस अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में रहा।

भारत के प्रदर्शन का सार

भारत ने चौथे स्थान पर रहते हुए एशियन गेम्स 2026 का अभियान पूरा किया। पिछले संस्करण की तुलना में पदकों की संख्या जरूर कम हुई, लेकिन महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन में बढ़ोतरी, बॉक्सिंग और कुश्ती में स्वर्ण की वापसी तथा हॉकी टीमों का ओलिंपिक टिकट भारतीय खेलों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियां रहीं।

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